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शनिवार, 28 मार्च 2020

कोरोना (गजल)

कोरोना

न डरा है, डरेगा न भारत कभी,
कोरोना कुछ हमारा नहीं कर सके,,
सेनेटाइजर की तोपें लिए हाथ में,
मुँह पे मास्क निहारे, खुद ही मर सके,,
न डरा है, डरेगा न भारत कभी.....

वाइरस आया है अपनी कमियां हैं कई,
भूल ऐसी जीवन में न करना कोई,,
करें संकल्प स्वच्छता का जीवन में हम,
इतनी ताकत नहीं कि कोरोना मार सकें,,
न डरा है, डरेगा न भारत कभी......

आओ अतिथि का स्वागत, हम हाथ जोड़ करें,
अपनी रक्षा का प्रतीक खुद हम बने,,
आलस मानव का दुश्मन सदां से रहा,
ऐसी गलती कभी ना दुःख हर सके,,
न डरा है, डरेगा न भारत कभी.....

ऐसी हालत में, ना घबराओ कभी,
खुद बचो औरों को बचाओ सभी,,
केवल स्वच्छता ही तुम्हारी सुरक्षा करे,
डरपोक वाइरस तुम्हारा न कुछ कर सके,,
न डरा है, डरेगा न भारत कभी.....

अरज करता हूं अपने सभी भाइयों से,
बच्चे, बुजुर्ग, बहना अरु ताइयों से,,
ऐसी मेहनत नहीं जो कर न सके,
सुनील कुमार की गजल रंग भर ना सके,,
न डरा है, डरेगा न भारत कभी,
कोरोना कुछ हमारा नहीं कर सके,,.......

सादर अर्पित।