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मंगलवार, 1 सितंबर 2026

लेडी कांस्टेबल

 लेडी कॉन्स्टेबल


 सूरत के वरछा के मिनी बाजार में

 गुरुवार को देर रात 10:30 बजे 

वर्दी का खादी से झगड़ा हो गया 

ढूंढ रहे हैं न्याय, न जाने कहां खो गया ।


जब खादी की  खाकी से ठन गई

तो खादी की जान पर ही बन गई 

जब एक भी बात,  सुनी नहीं सुनीता 

तो लगा खादी में, लग गया जैसे पलीता ।


लाव-लश्कर के साथ जब आ धमके,

सब की क्लास ली,  सुनीता ने जमके,

जिसके मन में जो आया बड़बड़ाया, 

सभी को इसी ने अकेले चुप कराया ।


कर्फ्यू तोड़ा, तो मैंने इसको रोका 

कोई बताए इसमें क्या मैंने गलत किया ,

उल्टे जब यह अकड़ दिखाने लगे मुझ पर,

मैंने तो बस नियम का ही पालन किया।


जो भी करना है तुम कर लो 

मैं अपना फर्ज निभाऊंगी

अगर सामने मौत भी आ जाए

 वर्दी का ही कर्ज चुकाऊंगी।


 न तो मैं किसी की नौकर हूँ 

और न ही किसी से डरती हूँ 

वर्दी ने मुझे जो अधिकार दिए 

बस उसका पालन करती हूँ  ।


वर्दी की कीमत क्या होती 

खाकी ने फिर से बता दिया 

किसकी-कितनी है औकात 

एक कॉन्स्टेबल ने जता दिया ।


संज्ञान लिया,  आदेश दिए

कार्रवाई आगे की जाएगी, 

पर सवाल है लाख टके की 

दोषी को सजा मिल पाएगी -2।



(स्वरचित रचना , सादर समर्पित )


सुनील कुमार👏🙏🏼🍏🇮🇳

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