हिंदी कवितायेँ , हिंदी लेख, छाड़िकाएँ इत्यादि
नव वर्ष यह नववर्ष का हर्ष है इस हर्ष का उत्कर्ष है जोश, उमंग, उत्साह का हो रहा अद्भुत स्पर्श है । कल क्या होगा, है नहीं पता जो न सोचा,...
न वो याद आ रहा है
न भुलाया जा रहा है
वो शख्स मुझे यारों
बस खाए जा रहा है
रोता हुआ दिखे ना
मुझे वो इस वजह से
बारिश में भीग कर के
आंसू बहा रहा है
मौसम बदल दिया है
जुल्फें उड़ा के तूने
तपती दोपहर में
अंधेरा सा छा रहा है
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