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मंगलवार, 1 सितंबर 2026

याद

 न वो याद आ रहा है

न भुलाया जा रहा है

वो शख्स मुझे यारों

बस खाए जा रहा है 

रोता हुआ दिखे ना

मुझे वो इस वजह से

बारिश में भीग कर के

आंसू बहा रहा है 

मौसम बदल दिया है

जुल्फें उड़ा के तूने

तपती दोपहर में

अंधेरा सा छा रहा है

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