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मंगलवार, 1 सितंबर 2026

संघर्ष

 🙏चंद पंक्तियां अर्पित हैं 🙏


संघर्ष ही हर सफलता का रास्ता दिखाता है,

मुश्किलों में पार पाने का हौसला जगाता है।


दुश्मनों के साथ भी हम कहां खराब थे,

कांटों से घिर गए थे फिर भी गुलाब थे।


नफरत की आंधियां लाख चली मगर फिर भी ना जो बुझा 

वह चराग हैं हम, 


है वही सबब कि डरती है आंधियां मुझसे,

 मैं वह चराग हूं जिसने हवा जला दी।


में कांटों पर चलता हूं,

में बर्फ औढ़ता हूं,

में वो शीशा हूं जो पत्थर को तोड़ता हूं।


यक़ीन हो तो हर हाल रास्ता निकलता है

हवा की ओट लेकर भी चराग़  जलता है।


सादर अर्पित।🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹

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